Sunday, July 17, 2011

For a friend by a friend

Hi I am Rajeshwar Singh from Srinagar, Jammu & Kashmir, INDIA.........

For a friend by a friend,

जिंदगी के सबसे हसीन मोड़ पर, 
तुमसे यूँ मुलाकात हुआ
हँसते-२ बीतने लगे ये दिन, 
कुछ ऐसा मुझे एहसास हुआ

मेरे दुखो में परेशान होने वाली
हर दुःख दर्द में साथ देने वाली
कॉलेज में बहुत सहमी-२ दिखने वाली 
पर आज है दुनिया से कदम मिलाने वाली

उलझनों में मुझे समझाने वाली 
खुरापात पर बोलने और झगड़ने वाली
पर खुद ही माफ़ी मांगने वाली 
गम में भी सबके साथ खुश रहने वाली 

कोई कुछ कहें ना कहें, या कुछ ना बोलें
पर मै ये बोलता हूँ कि वो बहुत प्यारी है
वो खुद के बारे में कुछ सोचे या ना सोचे 
पर मै ये कहता हूँ कि वो इक पगली है

ज़न्मदिन पर ये पंक्तिया मैंने लिखी है
ये पंक्तिया उसके लिए, मैंने उकेरी है 
पा जाए वो अपने शिखर को, 
यही मेरे दिल की तमन्ना है 

ज़न्मदिन की हार्दिक शुभकामनाये गरिमा
For a friend by a friend,
By:
राजेश्वर सिंह 'राज्श'

Thursday, July 14, 2011

आप जैसे अपने के लिए

Hi I am Rajeshwar Singh from Srinagar, Jammu & Kashmir, INDIA.........

In the sweet memories of close-one teacher, Pooja Tripathi Ma'am.............

मनमोहक आकृति अद्भुत कृति
लेखनी के लिए बन गयी है नीति
चेहरे पर मुस्कान, दिल में ख़ुशी
ऐसी ही हर पल बनी रहे आपकी हसी

जो ऐसे ही आप रहे मेरे जिंदगी में
इस दिल के सब शब्द आ जाये बाहर
आपका एहसास जो रहता है दिल के पास
कि मेरा ये दिल गुनगुनाता है बेशुमार

आपके ख़ुशी में मेरी ख़ुशी
क्यूकि आपसे जुडी है जज्बात मेरे
ज़मीन से फलक तक आपकी निशा
कि बस आपके लिए आते है लफ्ज़ मेरे

सूरज कि रंगीनिया भी कम पड़ जाये
आप के चेहरे कि तेज़ पर
सुरों कि रागिनिया भी धीमी पड़ जाये
आपके सुमधुर बोलो पर

चाँद की दुधिया रोशनी धुंध पढ़ जाये
आपकी  नम्रता वाले व्यवहार पर
नदियों की गहराई कम हो जाये
आपके आँखों के अपनेपन पर


आप जैसे अपने के लिए:
By:-
राजेश्वर सिंह 'राज़्श'