हमसे दूर होकर ‘चाचा जी’ आप
जिंदा हो, हमारे यादों में:-
ये शब्द मैं अपने परिवार “सिंह
कुटुंब” की तरफ से स्व* श्री उमा शंकर सिंह को श्रद्धांजलि स्वरुप लिखा हूँ:-
इस तरह अचानक हमारा साथ छोड़
चले जाना. साँसों से रूठकर हम सभी से रिश्ता तोड़ जाना |
झोके की तरह हमारे जिंदगी
से दूर हो जाना, भगवान् ने फिर से हैं बताया अंत में है रुलाके जाना ||
अब हमारे साथ है आपके यादों
का पुलिंदा, आपके आशीर्वादों, आपके विचारो का सहारा|
अपने नन्हे पग से हम चढ़ रहे
है ऊपर की तरफ, अब तो है बस मंजिलो को पाना ||
हे भगवान्! चाचा जी के
आत्मा को शांति दीजिये.............